राजस्थान का इतिहास संपूर्ण नोट्स
(Rajasthan History Notes PDF in Hindi)
प्राचीन सभ्यताएं, प्रमुख राजवंश (मेवाड़, मारवाड़, चौहान, कछवाहा), मुगल-राजपूत संबंध, 1857 क्रांति, किसान आंदोलन, प्रजामंडल तथा 7 चरणों में राजस्थान का एकीकरण — RAS, CET, SI व अन्य परीक्षाओं के लिए संपूर्ण डिजिटल नोट्स।
राजस्थान के इतिहास की ऐतिहासिक रूपरेखा
प्राचीन नदी घाटी संस्कृति से लेकर राजपूत काल के शौर्य एवं आधुनिक स्वाधीनता संघर्ष व एकीकरण का प्रामाणिक घटनाक्रम।
1. प्राचीन सभ्यताएं एवं संस्कृति
सरस्वती-दृषद्वती के तट पर पनपी कालीबंगा, कांतली नदी तट पर गणेश्वर (ताम्रयुगीन जननी), बनास संस्कृति का केंद्र आहड़ (धूलकोट) एवं मत्स्य जनपद की राजधानी बैराठ ने प्राचीन इतिहास का आधार निर्मित किया।
2. राजपूतों की उत्पत्ति व उत्कर्ष
7वीं से 12वीं शताब्दी में गुर्जर-प्रतिहार, शाकंभरी के चौहान, मेवाड़ के सिसोदिया (कुंभा, सांगा, प्रताप), मारवाड़ के राठौड़ (मालदेव, चंद्रसेन), बीकानेर (रायसिंह) एवं कछवाहा शासकों ने सामरिक व सांस्कृतिक कीर्तिमान स्थापित किए।
3. स्वाधीनता संग्राम व एकीकरण
1857 का प्रथम स्वतंत्रता संग्राम (नसीराबाद, आउवा, कोटा), 44 वर्षीय बिजोलिया किसान आंदोलन, 19 प्रजामंडल तथा 19 देशी रियासतों व 3 ठिकानों का 7 चरणों में आधुनिक राजस्थान एकीकरण (1948-1956)।
राजस्थान का इतिहास सम्पूर्ण हस्तलिखित ई-बुक (PDF)
प्राचीन सभ्यताएं, प्रमुख राजवंश (मेवाड़, मारवाड़, कछवाहा), 1857 क्रांति, किसान आंदोलन व एकीकरण के सातों चरण।
1. राजस्थान की प्राचीन सभ्यताएं (Ancient Civilizations)
1. कालीबंगा सभ्यता (Kalibangan Civilization)
हनुमानगढ़ (घग्गर नदी तट), अमलानंद घोष द्वारा खोज (1952), जुते हुए खेत का विश्व का प्राचीनतम साक्ष्य, 7 अग्निकुंड एवं लकड़ी की नालियाँ।
2. गणेश्वर सभ्यता (Ganeshwar Civilization)
नीम का थाना (कांतली नदी), भारत में 'ताम्रयुगीन सभ्यताओं की जननी', 99% शुद्ध तांबे के तीर, बाण व मछली पकड़ने का कांटा।
3. आहड़ सभ्यता (Ahar Civilization)
उदयपुर (बेड़च/आयड़ नदी), 'ताम्रवती नगरी', 'आघाटपुर' व 'धूलकोट', बिना हत्थे का ईरानी जलपात्र एवं बनासियन बुल।
4. बैराठ सभ्यता (Bairath Civilization)
कोटपूतली-बहरोड़ (बाणगंगा नदी), प्राचीन विराटघर (मत्स्य जनपद), बीजक की पहाड़ी से कैप्टन बर्ट द्वारा खोजा गया अशोक का भाब्रू शिलालेख।
5. रंगमहल सभ्यता (Rangmahal Civilization)
हनुमानगढ़ (सूरतगढ़ के पास - घग्घर नदी), स्वीडिश दल (डॉ. हन्ना रिड) द्वारा उत्खनन। गांधार शैली के विशेष चित्रित मृद्भाण्ड और कुषाण-गुप्त कालीन अवशेष।
2. राजस्थान के प्रमुख राजवंश (Major Dynasties)
1. चौहान राजवंश (Chauhan Dynasty)
शाकंभरी/सांभर के चौहान (वासुदेव 551 ई.), अजमेर शाखा (अजयराज, विग्रहराज IV, पृथ्वीराज III) एवं रणथंभौर (हम्मीर) व जालौर (कान्हड़देव)।
2. मेवाड़ का गुहिल व सिसोदिया राजवंश
गुहादित्य, बाप्पा रावल (734 ई.), जैत्रसिंह, रतनसिंह (चित्तौड़ प्रथम साका 1303), महाराणा कुंभा, सांगा (खानवा 1527) एवं महाराणा प्रताप (हल्दीघाटी 1576)।
3. मारवाड़ का राठौड़ राजवंश (Marwar Rathore)
राव सीहा, राव जोधा (1459 मेहरानगढ़), राव मालदेव (गिरी-सुमेल 1544), राव चंद्रसेन (मारवाड़ का प्रताप), जसवंत सिंह व वीर दुर्गादास राठौड़।
4. गुर्जर-प्रतिहार राजवंश (Gurjar Pratihar)
मंडोर व भीनमाल शाखा (हरिश्चंद्र, नागभट्ट I), वत्सराज (त्रिपक्षीय संघर्ष), मिहिर भोज एवं प्रतिहारों की भव्य महामारू स्थापत्य शैली।
5. आमेर का कछवाहा राजवंश (Kachhawa)
दूल्हेराय (1137 ई.), भारमल (मुगल संधि 1562), मानसिंह प्रथम, मिर्जा राजा जयसिंह (पुरंदर संधि 1665) एवं सवाई जयसिंह (जयपुर स्थापना 1727 व वेधशालाएं)।
6. बीकानेर का राठौड़ वंश (Bikaner Rathore)
राव बीका (1488 ई.), राव लूणकरण (कलयुग का कर्ण), महाराजा रायसिंह (जूनागढ़ दुर्ग), मतीरे की राड़ (1644) एवं महाराजा गंगा सिंह (गंग नहर 1927)।
7. जैसलमेर का भाटी राजवंश (Jaisalmer Bhati)
यदुवंशी उत्पत्ति ('उत्तर भड़ किवाड़'), राजा भूपत (भटनेर), रावल जैसल (सोनार किला 1155 ई.), ऐतिहासिक ढाई साके (अर्द्ध साका 1550) व सागरमल गोपा।
8. आबू व वागड़ का परमार राजवंश (Parmar Dynasty)
धूमराज व उत्पलराज द्वारा स्थापना, आबू के परमार (धंधुक, धारावर्ष परमार), वागड़ (अर्थूणा) व किराडू के परमार शासक एवं सांस्कृतिक योगदान।
3. मुगल-राजपूत संबंध, 1857 क्रांति व आंदोलन
1. मुगल-राजपूत संबंध एवं संधियाँ
आमेर संधि (भारमल 1562), नागौर दरबार (1570), मेवाड़-मुगल संधि (1615), मनसबदारी व्यवस्था, दुर्गादास राठौड़ का 30 वर्षीय संघर्ष।
3. आधुनिक राजस्थान : 1857 क्रांति, किसान व प्रजामंडल आंदोलन
1. 1857 की क्रांति (1857 Revolt in Rajasthan)
6 सैनिक छावनियाँ, नसीराबाद से विस्फोट (28 मई), आउवा के युद्ध (बिथोड़ा, चेलावास - सुगाली माता), कोटा व धौलपुर जनविद्रोह एवं तात्या तोपे।
2. किसान आंदोलन (Peasant Movements of Rajasthan)
मातृकुंडिया (1880), बिजोलिया (44 वर्ष अहिंसक), बेगू (रूपाजी-कृपाजी), नीमूचणा (दोहरी डायरशाही), बूंदी (नानकजी भील) व डाबड़ा कांड।
3. प्रजामंडल आंदोलन (Prajamandal Movements)
सभी 19 प्रजामंडल, हरिपुरा अधिवेशन (1938), जेंटलमेन्स एग्रीमेंट, रास्तापाल कांड (कालीबाई) व सागरमल गोपा का अमर बलिदान।
4. राजस्थान का एकीकरण एवं रियासती अध्ययन (7 चरण शृंखला)
18 मार्च 1948 से 1 नवंबर 1956 तक (8 वर्ष, 7 माह, 14 दिन) चले राजस्थान एकीकरण, 19 देशी रियासतों, 3 ठिकानों, प्रिवीपर्स एवं प्रमुख समितियों (सत्यनारायण राव, शंकरराव देव, फजल अली आयोग) का संपूर्ण प्रामाणिक अध्ययन:
1. राजस्थान का एकीकरण : मास्टर तुलनात्मक सारणी एवं 7 चरण संपूर्ण विश्लेषण
सातों चरणों की संपूर्ण तुलनात्मक सारणी, राजप्रमुख, उप-राजप्रमुख, प्रधानमंत्री/मुख्यमंत्री, उद्घाटनकर्ता, क्षेत्रफल, जनसंख्या, आय, प्रिवीपर्स एवं RAS Mains मॉडल प्रश्नोत्तर एक ही मास्टर पेज पर।
2. 19 रियासतें, 3 ठिकाने एवं प्रिवीपर्स (Privy Purses)
तत्कालीन शासक, राजवंश, तोपों की सलामी, विलय-पत्र (Instrument of Accession) की तिथियाँ, प्रिवीपर्स का वित्तीय आवंटन एवं 26वाँ संविधान संशोधन 1971।
3. आरंभिक चरण : मत्स्य संघ, पूर्व व संयुक्त राजस्थान
अलवर-भरतपुर संकट व गांधी हत्याकांड जाँच, हाड़ौती-वागड़ संघ के प्रयास, मेवाड़ महाराणा की 3 शर्तें, एन.वी. गाडगिल व पं. नेहरू का आगमन एवं शोभाराम-असावा-वर्मा मंत्रिमंडल।
4. वृहत् राजस्थान एवं मत्स्य संघ विलय (30 मार्च 1949)
JJBJ रियासतों का विलय (राजस्थान दिवस), पी. सत्यनारायण राव समिति (राजधानी व विभाग आवंटन), डॉ. शंकरराव देव समिति एवं हीरालाल शास्त्री मंत्रिमंडल।
5. सिरोही, आबू-देलवाड़ा एवं अजमेर का अंतिम एकीकरण
सिरोही विभाजन व गोकुलभाई भट्ट, अजमेर की धारा सभा व हरिभाऊ उपाध्याय, राज्य पुनर्गठन आयोग (फजल अली), सुनील टप्पा-सिरोंज विनिमय व 7वाँ संशोधन।
5. आगामी इतिहास अध्याय (Updating Soon)
इतिहास खंड के निम्नलिखित नए अध्यायों की प्रमाणिक अध्ययन सामग्री शीघ्र प्रकाशित की जा रही है:
राजस्थान में सामंत प्रथा
उमराव, सोलह, बत्तीस, चार श्रेणियाँ व अधिकार
जनजाति आंदोलन (भील व मीणा)
गोविंद गिरी (मानगढ़ धाम), मोतीलाल तेजावत (एकी)
ऐतिहासिक स्रोत, शिलालेख व सिक्के
बिजोलिया, घटियाला, चीरवा शिलालेख व रियासती ताम्रपत्र
इतिहास पाठ्यक्रम (4 मुख्य खंड)
1. राजस्थान की प्रमुख प्राचीन सभ्यताएं
कालीबंगा, गणेश्वर, आहड़, बैराठ, रंगमहल2. राजस्थान के प्रमुख राजवंश
मेवाड़, मारवाड़, चौहान, बीकानेर, कछवाहा3. मुगल राजपुत संबंध
मुगलों व राजपुतों के मध्य संबंध4. आधुनिक राजस्थान इतिहास
1857 क्रांति, किसान व प्रजामंडल आंदोलन5. राजस्थान एकीकरण एवं रियासती अध्ययन
7 चरण, 19 देशी रियासतें, प्रिवीपर्स व समितियांहमारे प्रामाणिक अध्ययन स्रोत (Source Books)
"RAJShiksha टीम द्वारा सभी इतिहास नोट्स डॉ. गोपीनाथ शर्मा, डॉ. वी.एस. भार्गव, राजस्थान हिंदी ग्रंथ अकादमी एवं RBSE की पाठ्यपुस्तकों के आधार पर 50 नए जिलों के नवीनतम पैटर्न पर तैयार किए गए हैं।"
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दुर्ग, महल, लोक देवता, संत-संप्रदाय, लोक नृत्य, रीति-रिवाज व चित्रकला शैलियां।
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राजस्थान इतिहास
Rajasthan History Topic Test
कालीबंगा सभ्यता, मेवाड़-मारवाड़-बीकानेर राजवंश, 1857 की क्रांति, किसान आंदोलन व एकीकरण के 7 चरण आदि के संपूर्ण टेस्ट।
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राजस्थान इतिहास : प्रमुख ऐतिहासिक पड़ाव (Quick Timeline)
| प्राचीन काल | कालीबंगा (घग्घर), गणेश्वर (ताम्र जननी), बैराठ (मौर्य-बौद्ध अवशेष) |
| मध्यकाल | तराइन युद्ध (1191-92), चित्तौड़ साका (1303), गिरी-सुमेल (1544), हल्दीघाटी (1576) |
| 1857 क्रांति | नसीराबाद (28 मई 1857 से शुरुआत), आउवा विद्रोह (कुशाल सिंह) |
| किसान आंदोलन | बिजोलिया (1897-1941, 44 वर्ष तक चला अहिंसक आंदोलन) |
| राजस्थान एकीकरण | 7 चरणों में संपन्न (18 मार्च 1948 से 1 नवंबर 1956) |
राजस्थान इतिहास नोट्स से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर
क्या ये राजस्थान इतिहास नोट्स 50 नवीन जिलों के अनुसार अपडेटेड हैं?
हाँ, राजस्थान इतिहास के सभी अध्यायों (प्राचीन सभ्यताएं, ऐतिहासिक स्थल, 1857 क्रांति के केंद्र व 7 चरणों में एकीकरण) को राजस्थान सरकार के 50 नए जिलों के पुनर्गठन के अनुसार पूरी तरह अपडेट किया गया है।
राजस्थान इतिहास की तैयारी किस क्रम (Sequence) में करनी चाहिए?
सर्वप्रथम 'प्राचीन सभ्यताएं' पढ़ें, फिर 'प्रमुख राजवंश (मेवाड़, मारवाड़, चौहान, बीकानेर)', उसके बाद '1857 की क्रांति व किसान-प्रजामंडल आंदोलन' और अंत में '7 चरणों में राजस्थान का एकीकरण' पढ़ना सबसे वैज्ञानिक और प्रभावी क्रम है।
ये इतिहास नोट्स किन-किन भर्ती परीक्षाओं (RAS, CET, SI, REET, Patwar) के लिए प्रामाणिक हैं?
ये नोट्स डॉ. गोपीनाथ शर्मा एवं RBSE कक्षा 10 की पाठ्यपुस्तकों पर आधारित हैं, जो RPSC RAS Pre & Mains, RSMSSB CET (10+2 व स्नातक), Sub-Inspector (SI), Patwar, REET, 1st व 2nd Grade Teacher भर्ती परीक्षाओं के लिए 100% प्रामाणिक हैं।
क्या इन इतिहास नोट्स के साथ ऑनलाइन टेस्ट सीरीज और क्विज भी उपलब्ध हैं?
हाँ, प्रत्येक अध्याय के साथ ऑनलाइन मॉक टेस्ट और टॉपिक-वाइज क्विज उपलब्ध हैं, जिसमें व्याख्यात्मक हल, ऑल राजस्थान रैंक और रियल-एग्जाम एनालिसिस मिलता है।