सूचना आयोग नोट्स लोड हो रहे हैं...
Home / Notes / राजस्थान राजव्यवस्था एवं प्रशासनिक व्यवस्था / राजस्थान राज्य सूचना आयोग (RTI Commission)
सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 (धारा 15 से 20) एवं 2019 संशोधन पर आधारित

राजस्थान राज्य सूचना आयोग (RTI Commission) :
गठन 2006, धारा 15, 2019 संशोधन (3 वर्ष), चयन समिति व मुख्य आयुक्त सूची

राजस्थान में प्रशासनिक पारदर्शिता एवं सूचना की स्वतंत्रता की शीर्ष अपील प्राधिकारी संस्था का संपूर्ण प्रामाणिक अध्ययन — राजस्थान में आरटीआई जन-आंदोलन (अरुणा रॉय व MKSS), 18 अप्रैल 2006 को गठन (अधिनियम की धारा 15), 1 मुख्य सूचना आयुक्त + अधिकतम 10 आयुक्त, 3-सदस्यीय चयन समिति (मुख्यमंत्री, नेता प्रतिपक्ष व कैबिनेट मंत्री), 2019 संशोधन अधिनियम (केंद्र सरकार द्वारा विहित 3 वर्ष कार्यकाल), धारा 20 के तहत जुर्माना शक्तियाँ (₹250/दिन, अधिकतम ₹25,000), प्रथम मुख्य आयुक्त एम.डी. कौरानी से लेकर वर्तमान तक की सम्पूर्ण सूची व RAS Pre/Mains हेतु विस्तृत नोट्स।

स्थापना दिवस 18 अप्रैल 2006
प्रथम मुख्य आयुक्त श्री एम.डी. कौरानी
कार्यकाल (2019 बाद) 3 वर्ष या 65 वर्ष आयु
अधिकतम जुर्माना ₹25,000 (धारा 20)
सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 (केन्द्रीय अधिनियम सं. 22/2005) एवं 2019 संशोधन का विस्तृत विश्लेषण

राजस्थान राज्य सूचना आयोग : गठन 2006, चयन समिति (धारा 15) व जुर्माना शक्तियाँ

18 अप्रैल 2006 गठन, 1+10 संरचना, 3-सदस्यीय समिति (CM, LoP, कैबिनेट मंत्री), 3 वर्ष कार्यकाल (2019 संशोधन), धारा 20 के तहत ₹250/दिन जुर्माना, एम.डी. कौरानी से लेकर वर्तमान तक सम्पूर्ण विश्लेषण।

1. राजस्थान : भारत में सूचना के अधिकार (RTI) की जन्मस्थली एवं गठन 2006

राजस्थान को भारत में सूचना के अधिकार आंदोलन की जन्मस्थली (Birthplace of RTI Movement) होने का ऐतिहासिक गौरव प्राप्त है। 1990 के दशक में मजदूर किसान शक्ति संगठन (MKSS) द्वारा श्रीमती अरुणा रॉय, निखिल डे एवं शंकर सिंह के नेतृत्व में राजसमंद जिले के देवडूंगरी एवं चांग (ब्यावर के समीप) से एक ऐतिहासिक जमीनी आंदोलन शुरू हुआ:

1
ऐतिहासिक नारे एवं जन-सुनवाई (1994): अकाल राहत कार्यों में हुए भ्रष्टाचार के विरुद्ध कोट किराना (पाली) और ब्यावर में पहली बार सार्वजनिक 'जन-सुनवाई' आयोजित की गई। आंदोलन के दो प्रसिद्ध ऐतिहासिक नारे थे— "हमारा पैसा, हमारा हिसाब" तथा "जानने का हक, जीने का हक"
2
राजस्थान सूचना का अधिकार अधिनियम, 2000: जन-दबाव के कारण राजस्थान सरकार ने भारत में केंद्रीय कानून बनने से पूर्व ही वर्ष 2000 में राज्य का कानून पारित किया, जो 26 जनवरी 2001 से लागू हुआ।

💡 अग्रिम विकास: आरटीआई धारा 4(2) के तहत सूचनाओं के स्वतः प्रकटीकरण के लिए राजस्थान ने देश का पहला जन सूचना पोर्टल (JSP 2019) लॉन्च किया।

3
राजस्थान राज्य सूचना आयोग का विधिवत गठन (18 अप्रैल 2006): संसद द्वारा पारित केंद्रीय 'सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005' (RTI Act 2005 - लागू 12 अक्टूबर 2005) की धारा 15 के तहत राजस्थान सरकार द्वारा 18 अप्रैल 2006 को 'राजस्थान राज्य सूचना आयोग' (RIC) का गठन किया गया।

2. सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के अध्याय-4 की प्रमुख धाराएँ (धारा 15 से 20)

RTI अधिनियम के अध्याय-4 (धारा 15 से 17) में राज्य सूचना आयोग के गठन व सेवा शर्तों तथा अध्याय-5 (धारा 18 से 20) में आयोग की शक्तियों, अपील व दंड का संपूर्ण वैधानिक उपबंध है:

अधिनियम की धारा वैधानिक विषय (Statutory Subject) RPSC / RAS परीक्षा उपयोगी व्याख्या
धारा 15 राज्य सूचना आयोग का गठन: राज्य सरकार द्वारा राजपत्र में अधिसूचना द्वारा गठन। संरचना: 1 मुख्य सूचना आयुक्त + अधिकतम 10 सूचना आयुक्त। नियुक्ति 3-सदस्यीय समिति (CM, LoP व कैबिनेट मंत्री) की सिफारिश पर राज्यपाल द्वारा।
धारा 16 पदावधि एवं सेवा शर्तें (Tenure): 2019 के संशोधन के बाद केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित 3 वर्ष या 65 वर्ष की आयु तक (पुनर्नियुक्ति नहीं)। अति-महत्वपूर्ण: 2019 संशोधन पूर्व यह 5 वर्ष/65 वर्ष थी। अब केंद्र सरकार के नियमों द्वारा 3 वर्ष तय है।
धारा 17 हटाया जाना (Removal): राज्यपाल द्वारा उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) की जांच रिपोर्ट के आधार पर साबित कदाचार या अक्षमता पर। दिवालिया, सवेतन नियोजन या मानसिक असमर्थता पर राज्यपाल बिना SC जांच के भी सीधे हटा सकते हैं।
धारा 18 शिकायतों की जांच की शक्तियाँ: किसी भी व्यक्ति की शिकायत प्राप्त करना और जांच करना। जांच करते समय आयोग को सिविल प्रक्रिया संहिता 1908 (CPC) के तहत सिविल कोर्ट की शक्तियाँ प्राप्त हैं।
धारा 19 अपील प्रक्रिया (Appeals): प्रथम अपील (30 दिन) तथा द्वितीय अपील (90 दिन)। राज्य सूचना आयोग द्वितीय अपील (Second Appeal) का सर्वोच्च राज्य अपीलीय प्राधिकारी है। इसका निर्णय बाध्यकारी होता है।
धारा 20 शास्तियाँ एवं दंड (Penalties): लोक सूचना अधिकारी (PIO) पर जुर्माना लगाना। सर्वाधिक पूछा गया प्रश्न: ₹250 प्रतिदिन की दर से अधिकतम ₹25,000 तक का जुर्माना।

3. आयोग की संरचना (1+10), कार्यप्रणाली एवं सर्किट बेंच (जोधपुर)

अधिनियम की धारा 15(2) के अनुसार, राज्य सूचना आयोग में निम्नलिखित पदाधिकारी होते हैं:

राज्य मुख्य सूचना आयुक्त (SCIC) 1 आयोग का प्रशासनिक प्रमुख
राज्य सूचना आयुक्त (SIC) अधिकतम 10 आवश्यकतानुसार नियुक्त (वर्तमान में 4 कार्यरत)
विहित अर्हताएँ (Qualifications - धारा 15(5)): आयुक्त ऐसे व्यक्ति होंगे जो विधि, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, समाज सेवा, प्रबंधन, पत्रकारिता, जनसंचार अथवा प्रशासन एवं शासन का व्यापक ज्ञान और अनुभव रखने वाले सार्वजनिक जीवन के प्रतिष्ठित व्यक्ति हों।
निर्हताएं (Disqualifications - धारा 15(6)): आयुक्त संसद अथवा राज्य विधानमंडल का सदस्य (MP/MLA) नहीं होना चाहिए; किसी राजनीतिक दल से जुड़ा नहीं होना चाहिए; लाभ का कोई अन्य पद धारण नहीं करेगा अथवा कोई व्यापार, उद्योग या वृत्ति नहीं चलाएगा।
जोधपुर सर्किट बेंच (Circuit Bench 2023): पश्चिमी राजस्थान के नागरिकों को सुलभ न्याय प्रदान करने हेतु वर्ष 2023 में राज्य सरकार ने जोधपुर में राज्य सूचना आयोग की स्थायी सर्किट बेंच स्थापित करने की स्वीकृति दी है।

4. नियुक्ति प्रक्रिया : 3-सदस्यीय उच्चस्तरीय चयन समिति (धारा 15(3))

धारा 15(3) के अनुसार राज्य मुख्य सूचना आयुक्त एवं सूचना आयुक्तों की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा एक 3-सदस्यीय समिति की लिखित सिफारिश पर की जाती है:

1
मुख्यमंत्री (CM) समिति के अध्यक्ष
2
नेता प्रतिपक्ष (LoP) विधानसभा में विपक्ष का नेता
3
कैबिनेट मंत्री CM द्वारा मनोनीत मंत्री
तुलनात्मक परीक्षा तथ्य (मानवाधिकार आयोग vs सूचना आयोग चयन समिति):
राज्य मानवाधिकार आयोग (SHRC) समिति: 4 सदस्य (CM, गृह मंत्री, स्पीकर, LoP)।
राज्य सूचना आयोग (RIC) समिति: 3 सदस्य (CM, LoP, CM द्वारा मनोनीत एक कैबिनेट मंत्री)। विधानसभा अध्यक्ष सूचना आयोग समिति में शामिल नहीं होते हैं!

5. कार्यकाल एवं सेवा शर्तें : 2019 के संशोधन अधिनियम का क्रांतिकारी प्रभाव

संसद द्वारा पारित 'सूचना का अधिकार (संशोधन) अधिनियम, 2019' ने आयोग के कार्यकाल और वेतन-भत्तों की स्वायत्तता में बड़ा फेरबदल किया:

पूर्व स्थिति (मूल 2005 अधिनियम): कार्यकाल 5 वर्ष अथवा 65 वर्ष की आयु निश्चित था। मुख्य आयुक्त का वेतन मुख्य निर्वाचन आयुक्त के समकक्ष तथा सूचना आयुक्तों का वेतन निर्वाचन आयुक्तों के समकक्ष निर्धारित था।
वर्तमान स्थिति (2019 संशोधन एवं RTI Rules 2019): कार्यकाल एवं वेतन-भत्ते निर्धारित करने का अधिकार केंद्र सरकार को सौंप दिया गया। केंद्र सरकार द्वारा जारी नियमों के तहत वर्तमान में कार्यकाल 3 वर्ष अथवा 65 वर्ष की आयु (जो भी पहले हो) निर्धारित किया गया है।
पुनर्नियुक्ति का नियम: राज्य मुख्य सूचना आयुक्त पद पर पुनर्नियुक्ति नहीं हो सकती। कोई सूचना आयुक्त, मुख्य सूचना आयुक्त के पद पर नियुक्त किया जा सकता है, परन्तु दोनों पदों को मिलाकर उसका कुल कार्यकाल 3 वर्ष से अधिक नहीं हो सकता।

6. त्यागपत्र एवं पदच्युति की विधिक प्रक्रिया (धारा 17)

त्यागपत्र (Resignation): राज्य मुख्य सूचना आयुक्त या कोई सूचना आयुक्त किसी भी समय राज्यपाल को अपने हस्ताक्षर सहित लिखित त्यागपत्र सौंपकर पदमुक्त हो सकते हैं।
पद से हटाया जाना (धारा 17): साबित कदाचार या असमर्थता के आधार पर राज्यपाल मामले को सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) को जांच हेतु भेजते हैं। उच्चतम न्यायालय द्वारा जांच में दोषी पाए जाने पर राज्यपाल के आदेश द्वारा पद से हटाया जाता है।
सीधे हटाने के आधार (बिना सुप्रीम कोर्ट जांच): राज्यपाल किसी आयुक्त को सीधे हटा सकते हैं यदि वह: 1. दिवालिया घोषित हो, 2. सवेतन नियोजन में लगा हो, 3. नैतिक अधमता के अपराध में सिद्धदोष ठहराया गया हो, 4. शारीरिक या मानसिक दुर्बलता के कारण कार्य करने में असमर्थ हो।

7. अपील प्रक्रिया (धारा 19) एवं जुर्माना व दंड शक्तियाँ (धारा 20)

RTI में अपील का त्रि-स्तरीय ढाँचा (Appellate Structure):
  • आवेदन (RTI Request): लोक सूचना अधिकारी (PIO) को प्रस्तुत; 30 दिन के भीतर सूचना देना अनिवार्य (जीवन एवं स्वतंत्रता के मामले में 48 घंटे)।
  • प्रथम अपील (First Appeal - धारा 19(1)): PIO द्वारा सूचना न देने या असंतोषजनक देने पर विभाग के वरिष्ठ अधिकारी (प्रथम अपीलीय प्राधिकारी) को 30 दिन के भीतर की जाती है।
  • द्वितीय अपील (Second Appeal - धारा 19(3)): प्रथम अपीलीय अधिकारी के निर्णय के विरुद्ध राज्य सूचना आयोग को 90 दिन के भीतर की जाती है। राज्य सूचना आयोग का निर्णय अंतिम व बाध्यकारी होता है।
शास्तियाँ एवं दंडात्मक शक्तियाँ (Penalties - धारा 20): यदि आयोग यह पाता है कि लोक सूचना अधिकारी (PIO) ने बिना किसी युक्तिसंगत कारण के:
  • सूचना का आवेदन लेने से इनकार किया है, या
  • निर्धारित 30 दिनों में सूचना उपलब्ध नहीं कराई है, या
  • दुर्भावनापूर्वक सूचना देने से मना किया है, या जानबूझकर गलत, अधूरी या भ्रामक सूचना दी है, अथवा सूचना नष्ट कर दी है, तो:
आयोग PIO पर ₹250 प्रतिदिन की दर से शास्ति (Penalty) लगाएगा, जो अधिकतम ₹25,000 (पच्चीस हजार रुपये) तक हो सकती है। इसके अतिरिक्त सेवा नियमों के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश भी कर सकता है।

8. राजस्थान के मुख्य सूचना आयुक्तों की ऐतिहासिक कालक्रम सूची (2006 से वर्तमान)

क्र.सं. मुख्य सूचना आयुक्त का नाम कार्यकाल (अवधि) विशिष्ट ऐतिहासिक एवं परीक्षा तथ्य
1 श्री एम.डी. कौरानी (माजिद दयाल कौरानी) 18-04-2006 से 2010 राजस्थान के प्रथम राज्य मुख्य सूचना आयुक्त। राजस्थान के पूर्व मुख्य सचिव (IAS)।
2 श्री टी. श्रीनिवासन (T. Srinivasan) 2011 से 2015 वरिष्ठ आईएएस अधिकारी, पूर्व अतिरिक्त मुख्य सचिव।
3 श्री सुरेश कुमार चौधरी 2015 से 2018 वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी।
4 श्री देवेन्द्र भूषण गुप्ता (डी.बी. गुप्ता) दिसंबर 2020 से दिसंबर 2023 राजस्थान के पूर्व मुख्य सचिव (IAS)। 3 वर्ष का पूर्ण कार्यकाल पूर्ण किया।
5 श्री मोहन लाल लाठर (M.L. Lather) फरवरी 2024 से वर्तमान वर्तमान मुख्य सूचना आयुक्त। राजस्थान के पूर्व पुलिस महानिदेशक (DGP - IPS)।

9. परीक्षा-उपयोगी रामबाण तथ्य (High-Yield Quick Revision Points)

⚡ गठन व संरचना तथ्य

  • स्थापना तिथि: 18 अप्रैल 2006.
  • अधिनियम धारा: RTI Act 2005 की धारा 15.
  • संरचना: 1 मुख्य आयुक्त + अधिकतम 10 आयुक्त.
  • प्रथम मुख्य आयुक्त: श्री एम.डी. कौरानी.
  • मुख्यालय: जयपुर (सर्किट बेंच: जोधपुर 2023).
  • स्वरूप: सांविधिक एवं अर्द्ध-न्यायिक निकाय.

⚡ चयन, कार्यकाल व जुर्माना

  • चयन समिति (3 सदस्य): CM (अध्यक्ष), LoP, कैबिनेट मंत्री.
  • नियुक्ति प्राधिकारी: राज्यपाल (Governor).
  • कार्यकाल (2019 बाद): 3 वर्ष या 65 वर्ष आयु.
  • द्वितीय अपील समय: 90 दिन के भीतर (धारा 19(3)).
  • अधिकतम जुर्माना: ₹25,000 (₹250/दिन - धारा 20).
  • वार्षिक प्रतिवेदन: राज्य सरकार को (धारा 25).

10. विगत RPSC परीक्षाओं में पूछे गए प्रश्न (Past Year Solved Questions)

प्रश्न 1: राज्य मुख्य सूचना आयुक्त एवं अन्य सूचना आयुक्तों की नियुक्ति के लिए गठित समिति में कौन शामिल नहीं होता है? [RAS Pre 2013 / 2021]

उत्तर: विधानसभा अध्यक्ष (Speaker) शामिल नहीं होते हैं। समिति में मुख्यमंत्री (अध्यक्ष), विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तथा मुख्यमंत्री द्वारा मनोनीत एक कैबिनेट मंत्री शामिल होते हैं।

प्रश्न 2: राजस्थान राज्य सूचना आयोग का गठन कब किया गया था? [Patwar 2021 / RSSB CET 2023]

उत्तर: 18 अप्रैल 2006 (सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की धारा 15 के तहत)।

प्रश्न 3: सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की किस धारा के अंतर्गत लोक सूचना अधिकारी पर ₹250 प्रतिदिन के हिसाब से अधिकतम ₹25,000 की शास्ति अधिरोपित की जा सकती है? [College Lecturer 2021 / EO-RO 2023]

उत्तर: धारा 20 (Section 20) के अंतर्गत।

प्रश्न 4: राजस्थान के प्रथम मुख्य सूचना आयुक्त कौन थे? [Police SI 2021 / 2nd Grade 2022]

उत्तर: श्री एम.डी. कौरानी (माजिद दयाल कौरानी - 2006)।

RAS मुख्य परीक्षा (Mains) मॉडल अभ्यास प्रश्नोत्तर

RTI & Governance

प्रश्न 1 (50 शब्द | 5 अंक): सूचना का अधिकार (संशोधन) अधिनियम, 2019 ने राज्य सूचना आयोग की स्वायत्तता को किस प्रकार प्रभावित किया है? समालोचनात्मक टिप्पणी कीजिए।

उत्तर संकेत: संशोधन से पूर्व कार्यकाल 5 वर्ष व वेतन निर्वाचन आयुक्तों के समान निश्चित था। 2019 संशोधन द्वारा कार्यकाल (3 वर्ष) व वेतन-भत्ते तय करने की शक्ति केंद्र सरकार को सौंप दी गई, जिससे संस्थागत स्वायत्तता पर कार्यपालिका का नियंत्रण बढ़ने की आलोचना होती है।
Free Study Material PDF

राजस्थान राज्य सूचना आयोग सम्पूर्ण अध्ययन नोट्स PDF

धारा 15-20, 2019 संशोधन अधिनियम, चयन समिति, अपील ढाँचा, धारा 20 जुर्माना शक्तियाँ, प्रथम मुख्य आयुक्त एम.डी. कौरानी से वर्तमान तक की सम्पूर्ण सूची व हल प्रश्न पत्र।

100% Free Access • No Registration Required • Instant Direct Download

RTI Commission Mock Test

सूचना आयोग : टेस्ट दें

धारा 15-20, चयन समिति, 2019 संशोधन व मुख्य आयुक्त सूची पर 40+ प्रामाणिक प्रश्न।

₹49 ₹9 GET 81% OFF
Limited Pass

Rajasthan All-in-One Pass

राजस्थान की सभी प्रतियोगी परीक्षाओं के 500+ टॉपिक टेस्ट, विगत वर्षों के पेपर और सटीक विश्लेषण।

₹199 ₹29 / All Access
केवल ₹29 में पास एक्टिवेट करें

⚡ 2 मिनट में एक्टिवेशन | असीमित री-अटेम्प्ट

सामान्य प्रश्न

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

राजस्थान राज्य सूचना आयोग, चयन समिति, 2019 संशोधन व जुर्माना शक्तियों से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर।

राजस्थान राज्य सूचना आयोग का गठन सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की धारा 15 के तहत 18 अप्रैल 2006 को किया गया था। इसका मुख्यालय जयपुर (झालाना डूंगरी) में स्थित है तथा वर्ष 2023 में इसकी एक सर्किट बेंच जोधपुर में स्थापित की गई है।
धारा 15(3) के अनुसार, इनकी नियुक्ति राज्यपाल द्वारा एक 3-सदस्यीय चयन समिति की लिखित अनुशंसा पर की जाती है, जिसमें: 1. मुख्यमंत्री (अध्यक्ष), 2. विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष (LoP), तथा 3. मुख्यमंत्री द्वारा मनोनीत एक कैबिनेट मंत्री शामिल होते हैं।
2019 के संशोधन के तहत केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचित नियमों (RTI Rules 2019) के अनुसार अब कार्यकाल पदभार ग्रहण करने से 3 वर्ष अथवा 65 वर्ष की आयु (जो भी पहले हो) निर्धारित किया गया है। वे पुनर्नियुक्ति के पात्र नहीं होते हैं।
राजस्थान के प्रथम राज्य मुख्य सूचना आयुक्त पूर्व मुख्य सचिव श्री एम.डी. कौरानी (माजिद दयाल कौरानी) थे, जिन्होंने 18 अप्रैल 2006 को पदभार संभाला था।
धारा 20(1) के तहत दोषी लोक सूचना अधिकारी (PIO) पर ₹250 प्रतिदिन की दर से अधिकतम ₹25,000 (पच्चीस हजार रुपये) तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
भारत में आरटीआई आंदोलन की नींव राजस्थान के राजसमंद जिले के देवडूंगरी / चांग गांव से 1990 के दशक में 'मजदूर किसान शक्ति संगठन' (MKSS) द्वारा श्रीमती अरुणा रॉय के नेतृत्व में रखी गई थी।

अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर जाएँ

राजस्थान के इतिहास, भूगोल, कला-संस्कृति एवं राजव्यवस्था की प्रामाणिक अध्ययन सामग्री

🔥 81% Limited Discount Offer Only 30 passes available

ℹ️ राजस्थान राज्य सूचना आयोग (RTI)
Online Topic Test Series Pass

Regular Price: ₹49
₹9 Offer Price (One-time)
1 Month Validity

इस टेस्ट पास में आपको क्या मिलेगा:

50+ वस्तुनिष्ठ प्रश्न: RTI Act 2005 (धारा 15-20), 2019 संशोधन, जुर्माना शक्तियाँ व मुख्य आयुक्त सूची पर
विस्तृत व्याख्या: अधिनियम के मूल पाठ व व्यावहारिक निर्णयों सहित सटीक समाधान
अनलिमिटेड री-अटेम्प्ट: अपनी ऑल राजस्थान रैंक सुधारने के लिए असीमित बार अभ्यास