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स्थानीय लोकतंत्र का चुनावी प्रहरी : अनुच्छेद 243K एवं 243ZA

राजस्थान राज्य निर्वाचन आयोग (State Election Commission) :
गठन 1994, अनुच्छेद 243K व 243ZA, शक्तियाँ, CEO तुलना व आयुक्त सूची

राजस्थान के स्थानीय चुनावी तंत्र का संपूर्ण प्रामाणिक अध्ययन — 1 जुलाई 1994 को आयोग की विधिवत स्थापना, संविधान का अनुच्छेद 243K (पंचायती राज) एवं अनुच्छेद 243ZA (नगरीय निकाय), एक-सदस्यीय संस्था (राज्य निर्वाचन आयुक्त), 5 वर्ष या 65 वर्ष का कार्यकाल, राज्यपाल द्वारा नियुक्ति एवं उच्च न्यायालय न्यायाधीश के समान निष्कासन प्रक्रिया, राज्य निर्वाचन आयोग (SEC) बनाम मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO / भारत निर्वाचन आयोग) की तुलना, प्रथम आयुक्त अमर सिंह राठौड़ से लेकर वर्तमान तक की संपूर्ण प्रामाणिक सूची एवं RPSC/RAS परीक्षाओं हेतु प्रामाणिक नोट्स।

गठन तिथि 1 जुलाई 1994
संवैधानिक प्रावधान Art. 243K व 243ZA
आयोग की संरचना एक-सदस्यीय निकाय
कार्यकाल सीमा 5 वर्ष या 65 वर्ष आयु
भारतीय संविधान भाग-9 व 9A, स्थानीय निकाय चुनाव एवं विधिक अधिकार संदर्भ

राजस्थान राज्य निर्वाचन आयोग : संवैधानिक प्रावधान, शक्तियाँ व आयुक्तों का कालक्रम

1 जुलाई 1994 को स्थापना, अनुच्छेद 243K एवं 243ZA, 5 वर्ष या 65 वर्ष कार्यकाल, उच्च न्यायालय जज समतुल्य निष्कासन, SEC बनाम CEO कार्यक्षेत्र विभाजन, अमर सिंह राठौड़ से वर्तमान तक सम्पूर्ण सूची व RPSC प्रश्न।

1. राजस्थान राज्य निर्वाचन आयोग : ऐतिहासिक उद्भव एवं विधिवत गठन (1994)

73वें एवं 74वें संविधान संशोधन (1992) से पूर्व पंचायतों तथा नगरपालिकाओं के चुनाव राज्य सरकार के प्रशासनिक नियंत्रण में पंचायती राज विभाग तथा स्थानीय निकाय विभाग द्वारा करवाए जाते थे। इन चुनावों में अनियमितता और विलंब को समाप्त करने हेतु संविधान में एक स्वतंत्र संवैधानिक आयोग का प्रावधान किया गया:

1
अधिसूचना एवं गठन तिथि (1 जुलाई 1994): राजस्थान में राज्य निर्वाचन आयोग के गठन की अधिसूचना 17 जून 1994 को जारी की गई तथा आयोग ने 1 जुलाई 1994 से विधिवत कार्य करना प्रारंभ किया।
2
एक-सदस्यीय संवैधानिक आयोग (Single-Member Body): भारत निर्वाचन आयोग (ECI) जहाँ 3-सदस्यीय निकाय है, वहीं राजस्थान राज्य निर्वाचन आयोग एक एक-सदस्यीय आयोग है, जिसके सर्वोच्च पदाधिकारी को 'राज्य निर्वाचन आयुक्त' (State Election Commissioner) कहा जाता है।
3
प्रथम राज्य निर्वाचन आयुक्त: भारतीय प्रशासनिक सेवा के वरिष्ठ अधिकारी श्री अमर सिंह राठौड़ (Amar Singh Rathore) राजस्थान के प्रथम राज्य निर्वाचन आयुक्त नियुक्त किए गए (कार्यकाल: 1994 से 2000)।

2. संवैधानिक ढाँचा : अनुच्छेद 243K एवं 243ZA की संपूर्ण व्याख्या

अनुच्छेद 243K (पंचायती राज चुनाव)

  • पंचायती राज संस्थाओं (ग्राम पंचायत, पंचायत समिति व जिला परिषद) के लिए निर्वाचक नामावली तैयार करने तथा सभी निर्वाचनों के संचालन का अधीक्षण, निर्देशन और नियंत्रण (Superintendence, Direction & Control) राज्य निर्वाचन आयोग में निहित होगा।
  • राज्य निर्वाचन आयुक्त की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा की जाएगी।
  • आयुक्त की सेवा शर्तें व पदावधि राज्यपाल द्वारा बनाई गई विधि अनुसार होंगी।

अनुच्छेद 243ZA (नगरीय निकाय चुनाव)

3. राज्य निर्वाचन आयुक्त की नियुक्ति, कार्यकाल एवं पदमुक्ति प्रक्रिया

नियुक्ति एवं अर्हताएँ: राज्य निर्वाचन आयुक्त की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा मुख्यमंत्री की अध्यक्षता वाली कैबिनेट की सिफारिश पर की जाती है। इस पद पर भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के अपर मुख्य सचिव (ACS) या मुख्य सचिव स्तर के वरिष्ठ सेवानिवृत्त अधिकारियों को नियुक्त किया जाता है।
कार्यकाल सीमा (Tenure): राजस्थान में राज्य निर्वाचन आयुक्त का कार्यकाल पदभार ग्रहण की तारीख से 5 वर्ष अथवा 65 वर्ष की आयु (जो भी पहले हो) निर्धारित है। कार्यकाल के दौरान सेवा शर्तों में कोई अलाभकारी परिवर्तन नहीं किया जा सकता।
पद से हटाने की कठोर प्रक्रिया (अनुच्छेद 243K(1) परंतुक): संविधान में स्पष्ट प्रावधान है कि राज्य निर्वाचन आयुक्त को राज्यपाल पद से नहीं हटा सकता। उसे उसी रीति और उन्हीं आधारों पर ही हटाया जा सकता है जैसे उच्च न्यायालय के न्यायाधीश को हटाया जाता है (अर्थात सिद्ध कदाचार या असमर्थता के आधार पर संसद के दोनों सदनों द्वारा विशेष बहुमत से पारित समावेदन पर केवल भारत के राष्ट्रपति द्वारा)।

4. राज्य निर्वाचन आयोग की शक्तियाँ, कार्य एवं दायित्व

1. निर्वाचक नामावली (Voter Lists) तैयार करना: पंचायती राज एवं नगरीय निकायों के प्रत्येक वार्ड हेतु योग्य मतदाताओं की सूची तैयार करना, उनका पुनरीक्षण करना तथा फर्जी नाम हटाना।
2. चुनाव अधिसूचना एवं कार्यक्रम की घोषणा: चुनाव की तिथियों, नामांकन, संवीक्षा (Scrutiny), नाम वापसी, चुनाव चिन्ह आवंटन तथा मतदान एवं मतगणना की तिथियों का निर्धारण।
3. आदर्श आचार संहिता (Model Code of Conduct) लागू करना: स्थानीय चुनावों के दौरान राजनीतिक दलों, उम्मीदवारों एवं सरकारी मशीनरी के आचरण को विनियमित करना तथा निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करना।
4. चुनाव चिन्हों का आवंटन एवं मतपेटियों/EVM का प्रबंधन: निर्दलीय उम्मीदवारों व मान्यता प्राप्त दलों को चुनाव चिन्ह जारी करना तथा मतदान केंद्रों पर सुरक्षा प्रबंध करना।

5. मैदानी चुनावी तंत्र : जिला निर्वाचन अधिकारी (DEO) एवं रिटर्निंग ऑफिसर (RO)

राज्य निर्वाचन आयोग का अपना कोई बड़ा स्वतंत्र फील्ड स्टाफ नहीं होता। चुनाव संचालन हेतु यह राज्य सरकार के प्रशासनिक मशीनरी का उपयोग करता है (अनुच्छेद 243K(3)):

जिला निर्वाचन अधिकारी (DEO): जिला स्तर पर जिला कलेक्टर (District Collector) ही राज्य निर्वाचन आयोग के पदेन जिला निर्वाचन अधिकारी के रूप में संपूर्ण जिले के स्थानीय चुनावों का समन्वय करता है।
रिटर्निंग ऑफिसर (RO): उपखंड स्तर पर उपखंड अधिकारी (SDM) अथवा तहसीलदार को पंचायत समिति/नगरपालिका चुनाव हेतु आरओ नियुक्त किया जाता है, जो नामांकन लेने व चुनाव परिणाम घोषित करने का अधिकृत अधिकारी होता है।

6. राज्य निर्वाचन आयोग (SEC) बनाम मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO / ECI) तुलना

कार्यक्षेत्र स्पष्टीकरण: राज्य निर्वाचन आयोग केवल पंचायती राज एवं नगरीय निकायों के चुनाव करवाता है। जिले में इसके चुनाव का संचालन जिला निर्वाचन अधिकारी (जिला कलेक्टर) द्वारा किया जाता है।

विद्यार्थियों में प्रायः राज्य निर्वाचन आयोग (SEC) तथा राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) के मध्य भ्रम रहता है। दोनों का अंतर इस प्रकार है:

तुलना का आधार राज्य निर्वाचन आयोग (State Election Commission - SEC) मुख्य निर्वाचन अधिकारी (Chief Electoral Officer - CEO)
संवैधानिक प्रावधान अनुच्छेद 243K एवं 243ZA (भाग-9 व 9A) अनुच्छेद 324 (भाग-15, लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950)
नियंत्रक संस्था स्वतंत्र राज्य स्तरीय संवैधानिक आयोग भारत निर्वाचन आयोग (Election Commission of India - ECI)
किन चुनावों का संचालन? केवल पंचायती राज एवं नगरीय निकायों (स्थानीय निकाय) के चुनाव लोकसभा, राज्यसभा, राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति एवं विधानसभा के चुनाव
पदाधिकारी की स्थिति राज्य निर्वाचन आयुक्त (संवैधानिक पद - स्वतंत्र) आईएएस अधिकारी (ECI द्वारा राज्य सरकार के परामर्श से नामित)

7. राजस्थान के राज्य निर्वाचन आयुक्तों की ऐतिहासिक कालक्रम सूची (1994 से वर्तमान)

क्र.सं. राज्य निर्वाचन आयुक्त का नाम कार्यकाल (अवधि) विशिष्ट ऐतिहासिक एवं परीक्षा तथ्य
1 श्री अमर सिंह राठौड़ (Amar Singh Rathore) 01-07-1994 से 29-03-2000 राजस्थान के प्रथम राज्य निर्वाचन आयुक्त। 73वें व 74वें संशोधन के बाद राज्य में प्रथम आम चुनाव सफलतापूर्वक संपन्न कराए।
2 श्री एन.आर. भसीन (N.R. Bhasin) 30-03-2000 से 29-03-2005 वरिष्ठ आईएएस अधिकारी। चुनावी सुधारों को आगे बढ़ाया।
3 श्री इंद्रजीत खन्ना (Inderjit Khanna) 30-03-2005 से 29-12-2007 राजस्थान के पूर्व मुख्य सचिव (Chief Secretary) रहे थे; मुख्य सचिव पद से सेवानिवृत्ति बाद आयुक्त बने।
4 श्री अशोक कुमार पांडे (A.K. Pandey) 01-10-2008 से 30-09-2013 स्थानीय निकायों के चुनावों में कम्प्यूटरीकृत मतदाता सूचियों का विस्तार।
5 श्री रामलुभाया (Ram Lubhaya) 01-10-2013 से 30-09-2018 वरिष्ठ आईएएस अधिकारी। (बाद में 2022-23 में राजस्थान के 50 नए जिलों के गठन हेतु बनी उच्च स्तरीय समिति के अध्यक्ष भी रहे)।
6 श्री प्रेम सिंह मेहरा (P.S. Mehra) 01-10-2018 से जुलाई 2022 कोविड-19 महामारी के चुनौतीपूर्ण दौर में पंचायती राज एवं नगरपालिका चुनावों का सफल संचालन।
7 (वर्तमान) श्री मधुकर गुप्ता (Madhukar Gupta) अगस्त 2022 से वर्तमान राजस्थान के वर्तमान राज्य निर्वाचन आयुक्त। 1989 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी। डिजिटल नवाचारों पर बल।

8. स्थानीय चुनावों में आधुनिक नवाचार : EVM, NOTA एवं डिजिटलीकरण

EVM का प्रयोग (Electronic Voting Machine): राजस्थान देश के उन अग्रणी राज्यों में शामिल है जहाँ नगरपालिका चुनावों तथा जिला परिषद व पंचायत समिति सदस्य चुनावों में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) का व्यापक उपयोग प्रारंभ किया गया। (सरपंच व पंच चुनाव प्रायः मतपत्रों द्वारा होते हैं)।
नोटा (NOTA - None of the Above): वर्ष 2015 के स्थानीय निकाय चुनावों में राजस्थान राज्य निर्वाचन आयोग ने मतपत्रों और ईवीएम में 'नोटा' का विकल्प अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराया।

9. परीक्षा-उपयोगी रामबाण तथ्य (High-Yield Quick Revision Points)

⚡ गठन व संवैधानिक तथ्य

  • गठन तिथि: 1 जुलाई 1994.
  • पंचायती राज अनुच्छेद: Art. 243K.
  • नगरीय निकाय अनुच्छेद: Art. 243ZA.
  • संरचना: एक-सदस्यीय निकाय (आयुक्त).
  • कार्यकाल: 5 वर्ष या 65 वर्ष की आयु.
  • प्रथम आयुक्त: श्री अमर सिंह राठौड़.

⚡ विधिक व पदमुक्ति तथ्य

  • नियुक्ति: राज्यपाल द्वारा.
  • पदच्युति रीति: उच्च न्यायालय जज के समान (राष्ट्रपति द्वारा).
  • कार्यक्षेत्र: केवल स्थानीय निकाय चुनाव (विधानसभा चुनाव नहीं).
  • जिला चुनाव अधिकारी: पदेन रूप से जिला कलेक्टर.
  • पूर्व मुख्य सचिव आयुक्त: श्री इंद्रजीत खन्ना.
  • वर्तमान आयुक्त: श्री मधुकर गुप्ता.

10. विगत RPSC परीक्षाओं में पूछे गए प्रश्न (Past Year Questions)

प्रश्न 1: राजस्थान राज्य निर्वाचन आयोग के संबंध में कौन-सा कथन सत्य नहीं है? [RAS Pre 2021]

(A) इसका गठन जुलाई 1994 में हुआ।
(B) यह एक सदस्यीय आयोग है।
(C) यह राज्य विधानसभा के चुनावों का संचालन करता है।
(D) इसके आयुक्त को उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के समान ही हटाया जा सकता है।
उत्तर: (C) — राज्य विधानसभा के चुनाव भारत निर्वाचन आयोग (ECI) कराता है, राज्य निर्वाचन आयोग केवल स्थानीय निकायों के चुनाव कराता है।

प्रश्न 2: राजस्थान के प्रथम राज्य निर्वाचन आयुक्त कौन थे? [School Lecturer 2020 / Patwar 2021]

उत्तर: श्री अमर सिंह राठौड़।

प्रश्न 3: राज्य निर्वाचन आयुक्त की पदावधि एवं सेवा शर्तें राज्यपाल किस अनुच्छेद के तहत विहित करता है? [College Lecturer 2019]

उत्तर: अनुच्छेद 243K(1)।

RAS मुख्य परीक्षा (Mains Paper-3) मॉडल अभ्यास प्रश्नोत्तर

निर्वाचन आयोग

प्रश्न 1 (50 शब्द | 5 अंक): भारत निर्वाचन आयोग (ECI) एवं राज्य निर्वाचन आयोग (SEC) के मध्य संवैधानिक व कार्यात्मक अंतर स्पष्ट कीजिए।

उत्तर संकेत: ECI (अनुच्छेद 324) संसद, राष्ट्रपति व राज्य विधानसभा के चुनाव कराता है (3 सदस्यीय)। जबकि SEC (अनुच्छेद 243K/243ZA) केवल स्थानीय निकायों (पंचायतों व नगरपालिकाओं) के चुनाव कराने वाला स्वतंत्र एक-सदस्यीय राज्य संवैधानिक आयोग है।

प्रश्न 2 (20 शब्द | 2 अंक): राज्य निर्वाचन आयुक्त की पदमुक्ति प्रक्रिया को संविधान में किस प्रकार सुरक्षित किया गया है?

उत्तर संकेत: राज्यपाल केवल नियुक्ति कर सकता है, पद से हटाने की शक्ति उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के समान महाभियोग प्रक्रिया द्वारा केवल भारत के राष्ट्रपति के पास है (Art. 243K(1))।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

राज्य निर्वाचन आयोग, अनुच्छेदों, आयुक्त शक्तियों व चुनाव प्रणाली से जुड़े प्रश्नोत्तर।

राजस्थान राज्य निर्वाचन आयोग का गठन 1 जुलाई 1994 को किया गया। इसका संवैधानिक आधार भारतीय संविधान का अनुच्छेद 243K (पंचायतों हेतु) तथा अनुच्छेद 243ZA (नगरपालिकाओं हेतु) है।
अनुच्छेद 243K(1) के अनुसार राज्य निर्वाचन आयुक्त की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा की जाती है। परंतु उसे पद से केवल उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के समान महाभियोग प्रक्रिया द्वारा भारत के राष्ट्रपति द्वारा ही हटाया जा सकता है। राज्यपाल इसे नहीं हटा सकता।
राजस्थान राज्य निर्वाचन आयुक्त का कार्यकाल 5 वर्ष अथवा 65 वर्ष की आयु (जो भी पहले हो) निर्धारित है।
राज्य निर्वाचन आयोग केवल स्थानीय निकायों (पंचायती राजनगरपालिकाओं) के चुनाव कराता है। भारत निर्वाचन आयोग (ECI / राज्य में CEO) राष्ट्रपति, संसद व विधानसभा के चुनाव कराता है।
राजस्थान के प्रथम राज्य निर्वाचन आयुक्त श्री अमर सिंह राठौड़ (1994 से 2000) थे।

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