राजस्थान में नगरीय स्वशासन (Urban Local Bodies) :
74वाँ संशोधन, 18 विषय, राजस्थान नगरपालिका एक्ट 2009 व त्रिस्तरीय ढाँचा
शहरी स्थानीय स्वशासन का संपूर्ण प्रामाणिक अध्ययन — 1864 में माउंट आबू में राजस्थान की प्रथम नगरपालिका, 74वाँ संविधान संशोधन अधिनियम 1992, संविधान का भाग-9A (अनुच्छेद 243P से 243ZG), 12वीं अनुसूची के 18 कार्यात्मक विषय, राजस्थान नगरपालिका अधिनियम 2009, त्रिस्तरीय नगरीय संरचना (नगर निगम, नगर परिषद, नगरपालिका बोर्ड), मेयर व सभापति, आयुक्त व अधिशासी अधिकारी (EO), वार्ड समितियाँ, जिला योजना समिति (DPC) व महानगर योजना समिति (MPC)।
राजस्थान राज्य प्रशासनिक व संवैधानिक व्यवस्था हब
सम्पूर्ण राजव्यवस्था इंडेक्स देखेंराजस्थान में नगरीय स्वशासन : 74वाँ संशोधन, 18 विषय व नगरपालिका अधिनियम 2009
1864 में माउंट आबू से शुरुआत, अनुच्छेद 243P से 243ZG की व्याख्या, 12वीं अनुसूची के 18 विषय, नगर निगम, नगर परिषद व नगरपालिका बोर्ड संरचना, वार्ड समितियाँ, मेयर, आयुक्त व विगत 15 वर्षों के RPSC प्रश्न।
1. नगरीय स्वशासन का ऐतिहासिक उद्भव : राजस्थान में नगरपालिकाओं का विकास
भारत में आधुनिक नगरीय स्वशासन का प्रारंभ वर्ष 1687-88 में मद्रास नगर निगम की स्थापना से हुआ था। 1882 में तत्कालीन वायसराय लॉर्ड रिपन द्वारा जारी स्थानीय स्वशासन प्रस्ताव को भारत में 'स्थानीय स्वशासन का मैग्नाकार्टा' (Magna Carta) कहा जाता है और लॉर्ड रिपन को 'स्थानीय स्वशासन का जनक' माना जाता है। राजस्थान में नगरपालिकाओं का ऐतिहासिक विकास इस प्रकार रहा:
2. 74वाँ संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 : नगरीय संस्थाओं को संवैधानिक दर्जा
शहरी स्थानीय निकायों को सशक्त, स्वायत्त एवं वित्तीय रूप से सक्षम बनाने हेतु संसद द्वारा 74वाँ संविधान संशोधन अधिनियम पारित किया गया, जो 1 जून 1993 से पूरे भारत में प्रभावी हुआ:
3. अनुच्छेद 243P से 243ZG : संपूर्ण धारावाहिक व्याख्या (Bare Act Table)
| अनुच्छेद | संवैधानिक विषय (Constitutional Matter) | RPSC / RAS परीक्षा उपयोगी व्याख्या |
|---|---|---|
| अनुच्छेद 243P | परिभाषाएँ (Definitions): समिति, जिला, महानगरीय क्षेत्र, नगरपालिका क्षेत्र आदि। | महानगरीय क्षेत्र (Metropolitan Area) = 10 लाख या उससे अधिक जनसंख्या वाला क्षेत्र। |
| अनुच्छेद 243Q | नगरपालिकाओं का गठन (Constitution of Municipalities): त्रिस्तरीय स्वरूप—नगर पंचायत (बोर्ड), नगर परिषद व नगर निगम। | राज्यपाल द्वारा जनसंख्या, घनत्व व गैर-कृषि रोजगार के आधार पर क्षेत्र घोषित किया जाता है। |
| अनुच्छेद 243R | नगरपालिकाओं की संरचना (Composition): सभी वार्ड पार्षदों का चुनाव प्रत्यक्ष जनता द्वारा। | विशेष ज्ञान वाले मनोनीत सदस्य, लोकसभा/विधानसभा सदस्य पदेन सदस्य होते हैं, परंतु मनोनीत सदस्यों को मतदान का अधिकार नहीं होता। |
| अनुच्छेद 243S | वार्ड समितियों का गठन (Ward Committees): 3 लाख या उससे अधिक जनसंख्या वाली नगरपालिका में अनिवार्य। | एक या अधिक वार्डों को मिलाकर वार्ड समिति बनती है। वार्ड पार्षद इसके सदस्य होते हैं। |
| अनुच्छेद 243T | स्थानों का आरक्षण (Reservation): जनसंख्या अनुपात में SC/ST आरक्षण। महिलाओं हेतु राजस्थान में 50% आरक्षण। | अध्यक्ष (मेयर/सभापति) पदों पर भी चक्रानुक्रम (Rotation) से आरक्षण लागू होता है। |
| अनुच्छेद 243U | नगरपालिकाओं की अवधि (Duration): प्रथम बैठक से 5 वर्ष। विघटन पर 6 माह के भीतर चुनाव। | विघटित होने के बाद नई चुनी गई नगरपालिका केवल शेष अवधि (Remaining period) हेतु कार्य करती है। |
| अनुच्छेद 243V | सदस्यता के लिए निरर्हताएँ (Disqualifications): चुनाव लड़ने हेतु न्यूनतम आयु 21 वर्ष। | दो से अधिक संतान (नियम), शौचालय संबंधी स्वघोषणा आदि निरर्हताएँ कानून अनुसार लागू। |
| अनुच्छेद 243W | नगरपालिकाओं की शक्तियाँ व उत्तरदायित्व: 12वीं अनुसूची के 18 विषयों पर योजना निर्माण व क्रियान्वयन। | नगरीय विकास, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, अग्निशमन, जल आपूर्ति आदि। |
| अनुच्छेद 243X | कर अधिरोपित करने की शक्ति एवं निधियाँ: संपत्ति कर (UD Tax), विज्ञापन कर, स्वच्छता उपकर लगाने की शक्ति। | राज्य विधानमंडल द्वारा विहित नियमों अनुसार कर आरोपण। |
| अनुच्छेद 243Y | राज्य वित्त आयोग (Finance Commission): अनुच्छेद 243I के तहत गठित वित्त आयोग ही नगरपालिकाओं की वित्तीय स्थिति की समीक्षा करेगा। | राज्य के करों के शुद्ध आगमों का पंचायतों एवं नगरपालिकाओं में विभाजन। |
| अनुच्छेद 243Z | लेखाओं की संपरीक्षा (Audit): नगरपालिकाओं के खातों की वार्षिक ऑडिट। | स्थानीय निधि अंकेक्षण विभाग राजस्थान द्वारा संपरीक्षा। |
| अनुच्छेद 243ZA | नगरपालिकाओं के लिए निर्वाचन: अनुच्छेद 243K के तहत गठित 'राज्य निर्वाचन आयोग' ही चुनाव संपन्न कराएगा। | वार्डों की मतदाता सूची तैयार करना व चुनाव अधीक्षण। |
| अनुच्छेद 243ZD | जिला योजना समिति (District Planning Committee - DPC): जिले की पंचायतों व नगरपालिकाओं की योजनाओं का समेकन। | कुल 25 सदस्य (20 निर्वाचित + 5 मनोनीत/पदेन)। जिला प्रमुख इसके अध्यक्ष होते हैं। |
| अनुच्छेद 243ZE | महानगर योजना समिति (Metropolitan Planning Committee - MPC): 10 लाख+ महानगरीय क्षेत्र हेतु समग्र विकास योजना। | जयपुर महानगरीय क्षेत्र में विकास प्रारूप तैयार करने हेतु। |
| अनुच्छेद 243ZF | विद्यमान विधियों और नगरपालिकाओं का बना रहना: 1 वर्ष की संक्रमण अवधि। | पुराने कानूनों को नए संशोधन के अनुकूल बनाना। |
| अनुच्छेद 243ZG | निर्वाचन संबंधी मामलों में न्यायालयों के हस्तक्षेप का वर्जन: परिसीमन व वार्ड आवंटन को अदालत में चुनौती नहीं। | केवल 'चुनाव याचिका' (Election Petition) द्वारा ही चुनौती संभव। |
4. 12वीं अनुसूची (12th Schedule) : नगरपालिकाओं के 18 कार्यकारी विषय
संविधान के अनुच्छेद 243W के अंतर्गत नगरपालिकाओं को दिए गए कुल 18 विषयों का वर्गीकरण इस प्रकार है:
5. राजस्थान नगरपालिका अधिनियम, 2009 : प्रमुख प्रावधान एवं संरचना
राजस्थान में 50 वर्ष पुराने नगरपालिका अधिनियम, 1959 को समाप्त कर 11 सितंबर 2009 से 'राजस्थान नगरपालिका अधिनियम, 2009' लागू किया गया। इसमें कुल 17 अध्याय, 344 धाराएं एवं 6 अनुसूचियां हैं:
राजस्थान में सभी नगरीय स्थानीय निकायों (नगर निगम, परिषद, बोर्ड) के प्रशासनिक, तकनीकी व बजटीय नियंत्रण हेतु राज्य स्तर पर 'स्वायत्त शासन निदेशालय' (DLB) शीर्ष कार्यकारी संस्था है। इसका प्रशासनिक मुखिया निदेशक (Director - वरिष्ठ IAS अधिकारी) होता है, जो नगरपालिकाओं के नियमों व कर्मचारियों पर नियंत्रण रखता है।
अधिनियम की धारा 9 के तहत राज्य सरकार नगर प्रशासन का विशेष ज्ञान रखने वाले व्यक्तियों को पार्षद मनोनीत करती है। वर्तमान में यह संख्या इस प्रकार निर्धारित है:
- नगर निगम (Municipal Corporation): 12 सदस्य मनोनीत।
- नगर परिषद (Municipal Council): 8 सदस्य मनोनीत।
- नगरपालिका बोर्ड (Municipal Board): 6 सदस्य मनोनीत।
- विशेष नोट: प्रत्येक निकाय में 1 दिव्यांग (विशिष्ट योग्यजन) सदस्य का मनोनयन अनिवार्य है। इन मनोनीत सदस्यों को बैठकों में मतदान (Voting) का अधिकार नहीं होता।
6. राजस्थान में त्रिस्तरीय नगरीय संरचना : संपूर्ण तुलनात्मक सारणी
| मापदंड | नगर निगम (Municipal Corporation) | नगर परिषद (Municipal Council) | नगरपालिका बोर्ड (Municipal Board) |
|---|---|---|---|
| जनसंख्या मानक | 5 लाख से अधिक आबादी वाले महानगर | 1 लाख से 5 लाख तक की आबादी वाले बड़े शहर | 20 हजार से 1 लाख तक के संक्रमणशील कस्बे |
| राजनीतिक प्रमुख | महापौर (Mayor) | सभापति (President) | अध्यक्ष (Chairman) |
| उप-प्रमुख | उप-महापौर (Deputy Mayor) | उप-सभापति (Vice President) | उपाध्यक्ष (Vice Chairman) |
| प्रशासनिक अधिकारी (नौकरशाह) | नगर निगम आयुक्त (Commissioner) — IAS / RAS | आयुक्त (Commissioner) — वरिष्ठ RAS | अधिशासी अधिकारी (Executive Officer - EO) |
| त्यागपत्र (Resignation) | महापौर अपना त्यागपत्र संभागीय आयुक्त को सौंपता है | सभापति अपना त्यागपत्र जिला कलेक्टर को सौंपता है | अध्यक्ष अपना त्यागपत्र उपखंड अधिकारी (SDM) को सौंपता है |
| पार्षदों का चुनाव | प्रत्यक्ष जनता द्वारा (वयस्क मताधिकार) | प्रत्यक्ष जनता द्वारा (वयस्क मताधिकार) | प्रत्यक्ष जनता द्वारा (वयस्क मताधिकार) |
7. वार्ड समितियाँ (Ward Committees : Article 243S)
8. समेकित विकास योजना समितियाँ : DPC (243ZD) एवं MPC (243ZE)
जिला योजना समिति (DPC - Art. 243ZD)
- जिले की नगरपालिकाओं एवं पंचायती राज संस्थाओं (जिला परिषद) की विकास योजनाओं का समेकन।
- कुल सदस्य: 25 सदस्य (20 निर्वाचित + 5 मनोनीत/पदेन)।
- अध्यक्ष जिला प्रमुख तथा मुख्य समन्वयक जिला कलेक्टर होते हैं।
महानगर योजना समिति (MPC - Art. 243ZE)
- 10 लाख या उससे अधिक आबादी वाले महानगरीय क्षेत्र हेतु समग्र विकास योजना प्रारूप तैयार करना।
- इसके कम से कम 2/3 सदस्य नगरपालिकाओं के निर्वाचित सदस्यों व पंचायतों के अध्यक्षों द्वारा अपने में से चुने जाते हैं।
9. नगरपालिकाओं के वित्तीय स्रोत एवं राज्य वित्त आयोग (Article 243Y)
10. परीक्षा-उपयोगी रामबाण तथ्य (High-Yield Quick Revision Points)
⚡ ऐतिहासिक व संशोधन तथ्य
- प्रथम नगरपालिका (राज.): माउंट आबू (1864).
- 74वाँ संशोधन लागू (भारत): 1 जून 1993.
- संविधान में भाग: भाग-9A (अनुच्छेद 243P से 243ZG).
- 12वीं अनुसूची: कुल 18 कार्यात्मक विषय.
- वर्तमान अधिनियम: राजस्थान नगरपालिका अधिनियम 2009.
- नगरपालिका न्यूनतम वार्ड: 13 वार्ड (धारा 9).
⚡ संरचना व पदाधिकारी तथ्य
- चुनाव लड़ने हेतु आयु: न्यूनतम 21 वर्ष (अनु. 243V).
- महिला आरक्षण: 50% (राजस्थान में).
- वार्ड समिति आबादी सीमा: 3 लाख या अधिक (Art. 243S).
- DPC का उल्लेख: अनुच्छेद 243ZD (25 सदस्य).
- MPC का उल्लेख: अनुच्छेद 243ZE (10 लाख+ आबादी).
- नगर निगम प्रमुख: महापौर (Mayor) व आयुक्त.
11. विगत RPSC परीक्षाओं में पूछे गए प्रश्न (Past Year Questions)
प्रश्न 1: संविधान के किस अनुच्छेद में नगरपालिकाओं के गठन (Constitution of Municipalities) का प्रावधान है? [RAS Pre 2021]
उत्तर: अनुच्छेद 243Q।
प्रश्न 2: राजस्थान में प्रथम नगरपालिका की स्थापना कहाँ और कब की गई थी? [School Lecturer 2020 / Patwar 2021]
उत्तर: माउंट आबू (सिरोही) में, वर्ष 1864 में।
प्रश्न 3: 74वें संविधान संशोधन अधिनियम द्वारा संविधान की 12वीं अनुसूची में नगरपालिकाओं को कितने कार्यकारी विषय सौंपे गए हैं? [College Lecturer 2016]
उत्तर: कुल 18 विषय। (जबकि 11वीं अनुसूची में पंचायतों हेतु 29 विषय हैं)।
RAS मुख्य परीक्षा (Mains Paper-3) मॉडल अभ्यास प्रश्नोत्तर
शहरी स्वशासनप्रश्न 1 (20 शब्द | 2 अंक): 74वें संविधान संशोधन के तहत वार्ड समितियों (Ward Committees) के गठन की क्या अनिवार्यता है?
प्रश्न 2 (50 शब्द | 5 अंक): राजस्थान में नगरीय स्थानीय निकायों की वित्तीय दुर्बलता के प्रमुख कारणों पर प्रकाश डालिए।
नगरीय स्वशासन (74वाँ संशोधन) सम्पूर्ण अध्ययन नोट्स PDF
1864 माउंट आबू से 2009 नगरपालिका अधिनियम, अनुच्छेद 243P-243ZG, 18 विषय, नगर निगम संरचना, DPC/MPC व विगत 15 वर्षों के हल प्रश्न पत्र एक ही ई-बुक में।
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राजस्थान राजव्यवस्था
- जिला कलेक्टर (50 जिले) 50 जिले
- उपखंड व तहसील प्रशासन तहसील स्तर
- पंचायती राज व्यवस्था 73वाँ संशोधन
- नगरीय निकाय प्रशासन सक्रिय
- पेसा अधिनियम 1996 TSP क्षेत्र
- राज्य वित्त आयोग 1st से 6th
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
नगरीय स्वशासन, 74वें संशोधन, नगर निगम व नगरपालिका अधिनियम 2009 से जुड़े प्रश्नोत्तर।
2. नगर परिषद: 1 लाख से 5 लाख तक की आबादी वाले शहरों में;
3. नगरपालिका बोर्ड: 20 हजार से 1 लाख तक की आबादी वाले संक्रमणशील कस्बों में।
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