राजस्थान कला एवं संस्कृति :
सम्पूर्ण अध्यायवार (Chapter-Wise) टेस्ट
दुर्ग व स्थापत्य कला, लोक देवता व देवियां, संत-संप्रदाय, लोक नृत्य, वाद्य यंत्र, चित्रकला, हस्तशिल्प, आभूषण, मेले-त्यौहार एवं साहित्य। कोई भी सिंगल चैप्टर टेस्ट मात्र ₹9 (01 माह) में या कला-संस्कृति का सम्पूर्ण ऑल-एक्सेस पास मात्र ₹29 (03 माह) में प्राप्त करें।
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राजस्थान कला एवं संस्कृति अध्यायवार टेस्ट मॉड्युल्स
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दुर्ग, महल, हवेलियां, छतरियां व बावड़ियां
UNESCO विश्व धरोहर दुर्ग, जलदुर्ग, ऐतिहासिक महल, शेखावाटी हवेलियां व बावड़ियां
- विश्व धरोहर 6 पहाड़ी दुर्ग टेस्ट: चित्तौड़गढ़, कुंभलगढ़, रणथंभौर, गागरोन, आमेर, जैसलमेर
- अन्य प्रमुख दुर्ग टेस्ट: मेहरानगढ़, जूनागढ़ (जमीन का जेवर), तारागढ़, सिवाना, भटनेर
- राजस्थान के प्रमुख महल टेस्ट: हवामहल, सिटी पैलेस, उम्मेद भवन, जलमहल, डीग जलमहल
- हवेलियां व छतरियां टेस्ट: पटवों की हवेली, सालिम सिंह, नथमल, 84 खंभों की छतरी, मूसी महारानी
- बावड़ियां एवं जल स्थापत्य: रानीजी की बावड़ी, चांद बावड़ी (आभानेरी), नौलखा बावड़ी
मंदिर स्थापत्य, मस्जिद व दरगाह
गुर्जर-प्रतिहार (महामारू) शैली, जैन मंदिर, प्रमुख शक्तिपीठ एवं सूफी दरगाहें
- महामारू व नागर शैली मंदिर: किराडू (राजस्थान का खजुराहो), ओसियां, हर्षद माता, आभानेरी
- प्रसिद्ध जैन मंदिर टेस्ट: देलवाड़ा (आबू), रणकपुर (1444 खंभे), नाकोड़ा, नाडोल, ऋषभदेव
- प्रमुख शक्तिपीठ व धाम: एकलिंगजी, श्रीनाथजी (नाथद्वारा), खाटूश्यामजी, सालासर बालाजी
- मस्जिद, मीनार व दरगाह: ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती, मीठे शाह (गागरोन), ढाई दिन का झोपड़ा
राजस्थान के लोक देवता एवं लोक देवियां
पंचपीर (पाबूजी, रामदेवजी, गोगाजी), तेजाजी, देवनारायणजी व प्रमुख कुलदेवियां
- पंचपीर स्पेशल टेस्ट: पाबूजी (ऊंटों के देवता), रामदेवजी (रुणिचा), गोगाजी, हड़बूजी, मेहाजी मांगलिया
- अन्य प्रमुख लोक देवता टेस्ट: वीर तेजाजी (खरनाल/पर्वतसर), देवनारायणजी (आसींद), मल्लीनाथजी, कल्लाजी
- प्रमुख लोक देवियां (Part-1): करणी माता (देशनोक चूहों वाली), जीण माता (रेवासा), शीला देवी, कैला देवी
- प्रमुख लोक देवियां (Part-2): आई माता (बिलाड़ा), सकराय माता, बाण माता, शीतला माता (चाकसू)
संत, संप्रदाय एवं भक्ति आंदोलन
दादू दयाल, जसनाथी, बिश्नोई (29 नियम), रामस्नेही (4 शाखाएं), मीराबाई व पीपाजी
- जसनाथी व बिश्नोई संप्रदाय: कतरियासर (अग्नि नृत्य, 36 नियम), जाम्भोजी (समराथल, 29 नियम)
- दादू दयाल व दादूपंथ टेस्ट: नरेना पीठ, 52 स्तम्भ, अलख दरीबा, सुंदरदासजी, रज्जबजी
- रामस्नेही संप्रदाय 4 शाखाएं: शाहपुरा (फूलडोल मेला), रेण (दरियावजी), सींथल, खेड़ापा
- अन्य प्रमुख संत टेस्ट: मीराबाई (पदावलियां), संत पीपा (दर्जी समाज), संत धन्ना, चरणदासी, लालदासी
लोक नृत्य, लोक नाट्य व संगीत घराने
घूमर, गैर, वालर, भवाई, ख्याल, रम्मत, चारबेंत, वाद्य यंत्र (तत, सुषिर, अवनद्ध, घन)
- क्षेत्रीय व व्यावसायिक नृत्य: घूमर (नृत्यों का सिरमौर), गींदड़, चंग, ढोल नृत्य, चरी, तेरहताली
- जनजातीय लोक नृत्य: भील (गैर, गवरी/राई, युद्ध), गरासिया (वालर बिना वाद्य, लूर), कालबेलिया
- लोक नाट्य परंपरा: कुचामनी ख्याल, शेखावाटी, जयपुरी, रम्मत (बीकानेर/जैसलमेर), तमाशा, चारबेंत
- वाद्य यंत्र (4 प्रकार): तत (रावणहत्था, कामायचा), सुषिर (अलगोजा, शहनाई), अवनद्ध (मांदल), घन (मंजीरा)
चित्रकला शैलियां एवं हस्तकला
बणी-ठणी, पिछवाई, थेवा कला, ब्लू पॉटरी, उस्ता कला, मीनाकारी व बंधेज कला
- मेवाड़ व मारवाड़ स्कूल टेस्ट: चावंड शैली (रागमाला), नाथद्वारा (पिछवाई), किशनगढ़ (बणी-ठणी-निहालचंद)
- ढूंढाड़ व हाड़ौती स्कूल: जयपुर (आदमकद चित्र), बूंदी (पशु-पक्षी चित्रकला), कोटा (शिकार दृश्य)
- प्रसिद्ध हस्तशिल्प (Part-1): थेवा कला (प्रतापगढ़-सोनी परिवार), ब्लू पॉटरी (कृपाल सिंह), मीनाकारी
- प्रसिद्ध हस्तशिल्प (Part-2): उस्ता कला (बीकानेर-ऊंट की खाल पर स्वर्ण नक्काशी), टेराकोटा (मोलेला), अजरक प्रिंट
मेले, त्यौहार, वेशभूषा, आभूषण व रीति-रिवाज
पुष्कर मेला, बेणेश्वर धाम, तीज, गणगौर, पगड़ियां, आभूषण (सिर से पैर) व 16 संस्कार
- प्रमुख मेले टेस्ट: पुष्कर (कार्तिक पूर्णिमा), बेणेश्वर (आदिवासियों का कुंभ), कपिल मुनि, करणी माता मेला
- त्यौहार (तिथिवार): छोटी तीज (श्रावण), कजली तीज (भाद्रपद), गणगौर (चैत्र), आखातीज, बछबारस
- आभूषण (सिर से पैर): शीशफूल, रखड़ी, मेमंद, नथ, चूप/रखन (दांत), हंसली, तिमणिया, कंदोरा, पायजेब
- वेशभूषा व रीति-रिवाज: पगड़ियां (अमरशाही, जसवंतशाही), पोमचा, लहरिया, 16 संस्कार, विवाह रस्में
राजस्थानी भाषा, बोलियां एवं साहित्य
मारवाड़ी, ढूंढाड़ी, हाड़ौती, मेवाती, डिंगल-पिंगल शैली, प्रमुख ग्रंथ व साहित्यकार
- राजस्थानी बोलियां टेस्ट: मारवाड़ी (मानक बोली), ढूंढाड़ी (झाड़शाही), हाड़ौती, मेवाती, वागड़ी (भीली)
- डिंगल व पिंगल साहित्य टेस्ट: चारण साहित्य, वेली क्रिसन रुकमणी री (पृथ्वीराज राठौड़), कान्हड़दे प्रबंध
- आधुनिक साहित्यकार टेस्ट: सूर्यमल्ल मीषण (वंश भास्कर), विजयदान देथा (बातां री फुलवारी), कन्हैयालाल सेठिया
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Attempt 100% Free Mock Tests Nowराजस्थान कला एवं संस्कृति : परीक्षावार अंकभार एवं विश्लेषण तालिका
विगत 5 वर्षों में RSMSSB और RPSC द्वारा आयोजित परीक्षाओं में कला एवं संस्कृति के प्रश्नों का औसत वितरण।
| संस्कृति अध्याय (Chapter) | CET (10+2 / Grad) | RPSC SI / RAS Pre | Patwar / VDO | 1st / 2nd / 3rd Grade |
|---|---|---|---|---|
| दुर्ग, महल, हवेलियां व बावड़ियां | 3 - 4 प्रश्न | 3 - 5 प्रश्न | 3 - 4 प्रश्न | 4 - 5 प्रश्न |
| लोक देवता एवं लोक देवियां | 2 - 3 प्रश्न | 2 - 3 प्रश्न | 2 - 3 प्रश्न | 3 - 4 प्रश्न |
| संत, संप्रदाय एवं भक्ति परंपरा | 2 - 3 प्रश्न | 2 - 4 प्रश्न | 2 प्रश्न | 2 - 3 प्रश्न |
| लोक नृत्य, लोक नाट्य व वाद्य यंत्र | 3 - 4 प्रश्न | 3 - 4 प्रश्न | 3 - 4 प्रश्न | 4 - 5 प्रश्न |
| चित्रकला शैलियां एवं हस्तशिल्प | 2 - 3 प्रश्न | 3 - 4 प्रश्न | 2 - 3 प्रश्न | 3 - 4 प्रश्न |
| मेले, त्यौहार, वेशभूषा व आभूषण | 3 - 4 प्रश्न | 3 - 5 प्रश्न | 3 - 4 प्रश्न | 4 - 5 प्रश्न |
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तथ्यों का वर्गीकरण
दुर्गों की श्रेणियां, लोक देवताओं के वाहन, संतों की प्रधान पीठों और आभूषणों को अंगों के अनुसार व्यवस्थित रूप से पढ़ें।
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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
राजस्थान कला एवं संस्कृति चैप्टर टेस्ट से जुड़े मुख्य प्रश्न